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नाबालिग बच्चों को गाड़ी सौंपना पड़ा महंगा, हैदराबाद में 26 पैरेंट्स को हुई जेल

हैदराबाद। अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ी सौंपना अब पैरेंट्स को काफी महंगा पड़ रहा है। नाबालिग बच्चो को गाड़ी चलाने के लिए देने के आरोप में हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 26 पैरेंट्स को अरेस्ट किया है। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने यह कदम नाबालिगों को सडक़ पर ड्राइविंग से रोकने के लिए उठाया है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक मार्च-अप्रैल माह में 26 ऐसे पैरेंट्स को अरेस्ट किया गया, जिनके 18 साल से कम उम्र के बच्चे सडक़ पर ड्राइविंग करते हुए पाए गए। 
एक न्यूज एजेंसी की मुताबिक हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस के जॉइंट कमिश्नर अनिल कुमार ने बताया, मार्च महीने में कोर्ट द्वारा 20 पैरेंट्स को जेल भेजा गया था। हैदराबाद पुलिस इन दिनों पैरेंट्स और बच्चों के लिए काउंसलिंग सेशन आयोजित कराने से लेकर एफआईआर दर्ज करा रही है ताकि ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरुकता बनी रहे।
फरवरी महीने में भी ऐसे ही 1079 मामलों में 45 पैरेंट्स को जेल भेजा गया था। साथ ही हर अभिवावक पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया था। इस सख्त कार्रवाई के पीछे वजह नाबालिगों के ऐक्सिडेंट मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। इसकी एक वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना भी है। साल 2017 में ट्रैफिक पुलिस को दुर्घटना के 130 के ऐसे मामले मिले थे जिसमें नाबालिग गाड़ी चला रहे थे।
 

त्राल एनकाउंटर में मारा गया मसूद का करीबी JEM का कमांडर मुफ्ती यासीर

जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि मंगलवार को त्राल के वनक्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारे गए चार आतंकवादियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का कमांडर था। जेईएम का ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती यासीर आतंकवादी संगठन के सरगना मसूद अजहर का करीबी माना जाता था। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वेद ने कहा, त्राल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुरू की गई संयुक्त कार्यवाही में मारे गए आतंकवादियों में जेईएम का ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती यासीर भी था। 
गौरतलब है कि आठ घंटे चली मुठभेड़ में जेईएम के चार आतंकवादी, एक जवान और राज्य पुलिस का एक हवलदार भी मारा गया। डीजीपी ने मारे गए आतंकवादी की तस्वीर ट्विटर पर अपलोड की, जिसमें वह जेईएम के संस्थापक मसूद अजहर के साथ खड़ा है। यह तस्वीर मीडिया ने कुछ सालों पहले पाकिस्तान में ली थी।
अजहर को 1999 में जम्मू जिले की कोटबलवाल जेल से रिहा कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था, जहां उसे इंडियन एयरलाइंस की उड़ान संख्या आईसी814 के बंधक बनाए गए 158 यात्रियों के बदले छोड़ दिया गया था। मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य आतंकवादियों में शेख उमर और मुस्ताक अहमद जरगर भी थे, उन्हें भी यात्रियों को बंधक बनाए जाने के बदले छोड़ दिया गया था।
 

MP: पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ बने कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष

गुजरातः भूमि अधिग्रहण से जूझ रहे 5,000 से अधिक किसानों ने मांगी ‘इच्छा मृत्यु’

अहमदाबादः गुजरात के भावनगर जिले में करीब 5,000 से ज्यादा किसान राज्य विद्युत उपक्रम द्वारा भूमि अधिग्रहण किए जाने के खिलाफ संघर्षरत हैं। इन किसान परिवारों ने अधिकारियों को पत्र लिखकर ‘इच्छा मृत्यु’ की अनुमति मांगी है। किसान संगठन के एक नेता ने ऐसा दावा किया है।

किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक संगठन, ‘गुजरात खेदुत समाज’ के सदस्य और एक स्थानीय किसान नरेन्द्र सिंह गोहिल ने दावा किया, 'इस कदम से प्रभावित होने वाले 12 प्रभावित गांवों के किसानों और उनके परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल 5,259 लोगों ने ‘इच्छा मृत्यु’ की मांग की है क्योंकि उनकी खेती वाली जमीन को प्रदेश सरकार और गुजरात बिजली निगम लिमिटेड (जीपीसीएनल) द्वारा जबरन छीना जा रहा है।’’ उन्होंने दावा किया कि इन किसानों और उनके रिश्तेदारों के द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र को भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री को भेजा गया है। भावनगर के जिलाधीश हर्षद पटेल ने कहा कि किसानों ने इन पत्रों को कलेक्ट्रेट के रजिस्ट्री शाखा में डाला है जिसमें उन्होंने ‘इच्छा मृत्यु’ की मांग की है।

पत्र में, किसानों ने राज्य सरकार और जीपीसीएल पर आरोप लगाया है कि उन्हें जमीन खाली करने के लिए पुलिस बल का उपयोग कर रही है जिस पर वे वर्षो से खेती करते आ रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी द्वारा अधिग्रहण के 20 साल से अधिक समय के बाद अब जीपीसीएल जमीन पर आधिपत्य कायम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम कानून के खिलाफ है।   

गोहिल ने कहा, 'भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के अनुसार, कोई कंपनी उस भूमि का कब्जा नहीं ले सकता जिसे उसने 5 वर्ष से अधिक समय पहले अधिग्रहण किया हो।' ऐसी भूमि पर कब्जा लेने के लिए, कंपनी को नए सिरे से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।' 

इस IPS अफसर की वजह से जेल पहुंचा था आसाराम, मिले थे धमकी भरे खत

नई दिल्ली: एक समय स्वयंभू बाबा आसाराम लाखों लोगों द्वारा पूजा जाता था और लोगों की इन्हीं भावनाओं का दोहन कर उसने अपना करोड़ों रुपए का भक्ति साम्राज्य खड़ा किया था लेकिन एक नाबालिग से बलात्कार का मामला सामने आने के बाद उसकी प्रतिष्ठा धूल में मिल गई और उसकी साम्राज्य ढहनी शुरू हो गई । अदालत ने उसे बलात्कार के इसी मामले में आज दोषी करार दिया।  अगर आकंड़ों की बात करें तो 1970 के दशक में साबरमती नदी के किनारे एक झोंपड़ी से शुरुआत करने से लेकर देश और दुनियाभर में 400 से अधिक आश्रम बनाने वाले आसाराम ने चार दशक में 10,000 करोड़ रुपए का साम्राज्य खड़ा कर लिया।  यह जानना काफी दिलचस्प है कि आखिर पुलिस के शिकंजे में आसाराम कैसे आया। आईपीएस अधिकारी अजय पाल लांबा ही वो पुलिस अधिकारी हैं, जिन्होंने बेहद सावधानीपूर्वक यौन उत्पीडऩ के आरोपी आसाराम को जेल के सींखचों के पीछे धकेला। यह काफी कठिन टास्क था, लेकिन अनुसंधान में आरोप साबित होने के बाद सटीक रणनीति बनाकर लांबा ने आसाराम को मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया था। 

बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था आसाराम को गिरफ्तार करना
लांबा बताते हैं, 'हमें आसाराम का कुछ पता नहीं था। फिर भी पांच पुलिस अफसरों और 6 कमांडो की एक टीम को इंदौर स्थित आश्रम भेजा गया। लांबा कहते हैं चुनौतिया अनेक थी जिस तरह का आसाराम के देशभर में उसके लाखों अंधभक्त थे। उस स्थिति में दूसरे प्रदेश में जाकर उसे गिरफ्तार करना राजस्थान पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन इस केस में नाबालिग पीड़िता का बयान हमारा सबसे बड़ा हथियार था। पीड़िता के बयान को साबित करने वाले सभी तथ्यों व सबूतों को सतर्कता के साथ जुटाया गया। बाद में उसे विधिवत रूप से कानूनी दायरे में पिरोया गया। यही आसाराम की गिरफ्तारी का आधार और पुलिस की सबसे बड़ी सफलता थी। उन्हीं के आधार पर पुलिस आसाराम को जेल के पीछे धकेल पाई। उन्होंने बताया कि आसाराम और उनके अनुयायियों ने पुलिसवालों को लालच देने की कोशिश की। लांबा बताते हैं कि उन्हें बड़ी रकम की पेशकश से लेकर जान की धमकी दी गई। वह कहते हैं कि इस सबके बीच लोगों के विश्वास ने उन्हें आगे बढऩे को प्रेरित किया। लांबा बताते हैं कि उन्हें कम से कम 1,600 ऐसे खत मिले जिनमें लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।

कास्टिंग काउच पर बोली कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी, संसद भी इससे अछूती नहीं

नई दिल्ली: जानी मानी कोरियोग्राफर सरोज खान के कास्टिंग काउच पर दिए बयान पर जहां विवाद खड़ा हो गया है। वहीं कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी सरोज के समर्थन में आई है। रेणुका ने कहा कि कोरियोग्राफर के बयान पर हंगामा किस वजह से हो रहा है क्योंकि कास्टिंग काउच सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं बल्कि हर जगह होता है। उन्होंने कहा कि संसद भी इससे अछूता नहीं है। काम करने वाली जगहों आदि पर भी महिलाओं को इसका सामना करना पड़ता है। चौधरी ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश को इस मुद्दे के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और खुलकर इस पर बात करनी चाहिए।

ये कहा था सरोज खान ने
सरोज खान ने कास्टिंग काउच का बचाव करते हुए कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग बलात्कार के बाद ‘कम से कम’ महिलाओं को नौकरियां तो देता है, उन्हें बेसहारा तो नहीं छोड़ता। यौन अपराधियों के खिलाफ शुरू किए गए ‘‘मी टू’’ अभियान के मद्देनजर सरोज खान ने महिलाओं को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कास्टिंग काउच किसी के लिए भी कोई नई बात नहीं है। अनुभवी कोरियोग्राफर ने तेलुगू फिल्म उद्योग में कास्टिंग काउच संस्कृति के खिलाफ निर्वस्त्र होने वाले अभिनेत्री  रेड्डी पर सांगली में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में यह प्रतिक्रिया दी।     सरोज खान (69) ने टेलीविजन नेटवर्क और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मीडिया के साथ उनकी बातचीत के वीडियो को लेकर आज फोन पर कहा, ‘‘मैंने पहले ही कहा है कि मैं माफी मांगती हूं लेकिन आप वह सवाल नहीं जानते जो मुझसे पूछा गया था और अब इस पर काफी हंगामा हो गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये चला आ रहा है बाबा आदम के जमाने से। हर लड़की के ऊपर कोई न कोई हाथ साफ करने की कोशिश करता है। सरकार के लोग भी करते हैं। तुम फिल्म इंडस्ट्री के पीछे क्यों पड़े हो? वो कम से कम रोटी तो देती है। रेप करके छोड़ तो नहीं देती।’’

पुलवामा मुठभेड़ में 2 जवान शहीद व 1 आतंकी ढेर, सेना का सर्च ऑप्रेशन जारी

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के जंगलों में आतंकवादियों के साथ आज मुठभेड़ में सुरक्षा बल के दो जवान शहीद हो गए और एक आतंकी मारा गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने पुलवामा जिले में त्राल इलाके के लाम के जंगलों में आतंकवाद-विरोधी अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

दोनों ओर से हो रही गोलीबारी में सेना का एक जवान और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। शहीद जवान का नाम सिपाही अजय है और दूसरा शहीद कॉन्स्टेबल लातीड़ गुजरी है। अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में एक आतंकी भी मारा गया। वन इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी है।

अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास नहीं

नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास नहीं है। मंगलवार को यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने दी। लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जबाव में अहीर ने कहा, ‘‘सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।’’

साल 1954 में राष्ट्रपति के एक आदेश के बाद संविधान में यह अनुच्छेद जोड़ा गया था, जो जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को विशेषाधिकार प्रदान करता है, और राज्य विधानसभा को कोई भी कानून बनाने का अधिकार देता है, जिसकी वैधता को चुनौती नहीं दी जा सकती।

यह अनुच्छेद जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को छोडक़र बाकी भारतीय नागरिकों को राज्य में अचल संपत्ति खरीदने, सरकारी नौकरी पाने और राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने से रोकता है।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशस्तरीय बैठक में दी कार्यक्रमों की जानकारी

जयपुर। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष मधु शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय, जयपुर में महिला मोर्चा की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। 

बैठक में महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी, समस्त जिलों की जिलाध्यक्ष, मीडिया प्रभारियों को बुलाया गया था। जिलों में मंडल की नियुक्ति के जातिगत विवरण एवं पिछले माह में प्रदेश द्वारा जिला स्तर पर किए जाने वाले कार्यक्रम की जानकारी ली। जिनमें 25 जनवरी को मार्च तक की प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’, ’बूथ पर कमल रंगोल”, ‘हर बूथ पर झण्डा’, ‘स्वच्छता अभियान’ को लेकर किए गए कार्यों की समीक्षा एवं संगठनात्मक रचना पर चर्चा प्रमुख रहेगी। बैठक में जालोर की विधायक अमृत मेघवाल तथा प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विशेष जिला मीडिया प्रभारियों को सोशल मीडिया फेसबुक, पेज ट्विटर अकाउंट की अधिकृत जानकारी दी गई। आई.टी. सेल के प्रदेश मीडिया प्रभारी हिरेन्द्र कौशिक ने बैठक में प्रजेंटेशन दिया। बैठक में महिला मोर्चा के सभी प्रदेश पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

स्मृति का राहुल पर तंज, नमोएप के बजाए कांग्रेसएप कर दिया डिलीट

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कांग्रेस पर डेटा सेंधमारी का आरोप लगाते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। ईरानी ने कहा कि कांग्रेस ने सिंगापुर की एक कंपनी को अपने आधिकारिक एप विदआईएनसी से डेटा साझा किया था, जोकि अब गूगल प्ले स्टोर से गायब हो चुका है। ईरानी ने ट्वीट कर गांधी से पूछा कि क्या उनकी टीम ने उनके द्वारा नमो एप को डिलीट करने को कहने को ठीक से नहीं समझा और इसके बदले विदआईएनसी एप को गूगल स्टोर से हटा दिया। प्ले स्टोर का स्क्रीन शॉट्स पोस्ट करते हुए स्मृति ईरानी ने पूछा, यह क्या राहुल गांधीजी, लगता है आपकी टीम, आपने जो करने को कहा उसके उलट काम कर रही है। नमोएप डिलीट करने के बजाए उन्होंने कांग्रेसएप को ही हटा दिया।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से पूछा कि क्या वह बताएंगे कि कांग्रेस ने सिगापुर के सर्वर को डेटा क्यों भेजा, जिसे कोई व्यक्ति, गुप्तचर व एनालिटिका उपयोग कर सकता था। उन्होंने ब्रिटिश कंपनी का जिक्र किया, जिसने फेसबुल यूजर डेटा का राजनीतिक मकसदों से उपयोग करके तूफान खड़ा कर दिया है। मंत्री ने यह बयान कांग्रेस द्वारा डेटा सेंधमारी में उसकी संलिप्तता को निराधार बताने के बाद दिया है। कांग्रेस ने कहा विदआईएनसी एप का इस्तेमाल सिर्फ सोशल मीडिया अपटेड करने के लिए किया गया है। पार्टी ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, आज सुबह हमें प्ले स्टोर से एप हटाना पड़ा, क्योंकि गलत यूआरएल का प्रसार हो रहा था और लोग उससे गुमराह हो रहे थे। विदआईएनसी एप एक सदस्यता का एप है और यह पांच महीने से उपयोग में नहीं है, क्योंकि हमने 16 नवंबर, 2017 को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आईएनसी डॉट इन को हटा दिया था।
 

स्मिथ ने छोड़ी राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी, अजिंक्य रहाणे को मिली कमान

मुंबई। गेंद से छेडख़ानी को लेकर विवादों में घिरे आस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी से हटने का फैसला किया है। स्मिथ के इस फैसले को बाद फ्रेंचाइजी ने अजिंक्य रहाणे को टीम का कप्तान बनाया है। फ्रेंचाइजी ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी। फ्रेंचाइजी द्वारा जारी किए गए बयान में टीम के हेड ऑफ क्रिकेट जुबीन भरूचा ने कहा, ‘‘हम स्मिथ से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। स्मिथ का मानना है कि मौजूदा परिस्थति में राजस्थान रॉयल्स के लिए सही यही होगा की वह कप्तानी छोड़ दें ताकि टीम बिना किसी परेशानी के आईपीएल की तैयारी शुरू कर सके। 

उन्होंने बीसीसीआई के अधिकारियों और अपने प्रशंसकों का उनका समर्थन करने के लिए शुक्रिया अदा किया है।’’रहाणे को कप्तान बनाए जाने पर जुबीन ने कहा, ‘‘रहाणे काफी लंबे समय से टीम का हिस्सा रहे हैं और वो टीम को काफी अच्छे से जानते हैं। हमें इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह टीम के लिए अच्छे कप्तान साबित होंगे।’’

स्मिथ और उनकी टीम तब विवादों में आ गई थी जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में कैमरून बेनक्रॉफ्ट को गेंद से छेड़छाड़ करते हुए पकड़ा गया था और बाद में बेनक्रॉफ्ट तथा स्मिथ दोनों ने इस बात को कबूला था कि गेंद से छेड़छाड़ टीम की योजना थी। इसके बाद क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) ने स्मिथ को कप्तानी और उप-कप्तान डेविड वार्नर को तीसरे दिन टेस्ट के बाकी बचे दो दिन के लिए पदों से हटा दिया था। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भी स्मिथ पर एक मैच का प्रतिबंध और पूरी मैच फीस का जुर्माना लगाया तो वहीं बेनक्रॉफ्ट पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माना लगाया।

‘डोकलाम चीन का हिस्सा, यथास्थिति में बदलाव जैसी कोई चीज ही नहीं’

बीजिंग। चीन ने सोमवार को कहा कि डोकलाम एक चीनी क्षेत्र है और यथास्थिति में बदलाव को लेकर कोई सवाल ही नहीं खड़ा होता। इसके पहले भारतीय राजदूत गौतम बंबावले ने डोकलाम में यथास्थिति में किसी तरह के बदलाव की कोशिश के खिलाफ चीन को चेताया था। हांग कांग स्थित दक्षिण चाइना मॉर्निग पोस्ट को दिए साक्षात्कार में बंबावले ने कहा था कि डोकलाम में यथास्थिति को लेकर बदलाव के किसी भी प्रयास से एक और गतिरोध की स्थिति पैदा हो जाएगी। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, सीमा मुद्दे के संबंध में, चीन वहां शांति, स्थिरता और तिराहा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और डोंगलांग(डोकलाम) चीन का हिस्सा है, क्योंकि हमारे पास ऐतिहासिक करार है। इसलिए चीन की गतिविधि वहां उसके संप्रभु अधिकार के अंतर्गत है। वहां यथास्थिति बदलाव जैसी कोई चीज ही नहीं है।

हुआ ने कहा, पिछले वर्ष, हमारे जोरदार प्रयास, हमारे कूटनीतिक प्रयास और बुद्धिमत्ता की वजह से हम इस मुद्दे को समुचित रूप से सुलझा सके थे। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष इससे कुछ सबक लेगा और ऐतिहासिक करार को मानेगा, साथ ही सीमा पर शांति और स्थिरिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए चीन के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा,चीन और भारत अपने क्षेत्रीय विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए तरीके तलाश रहे हैं, ताकि हम परस्पर स्वीकार्य समाधान तक पहुंच सकें। दोनों पक्षों को एकसाथ काम करना चाहिए और क्षेत्र में शांति और तिराहा बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए।

भूटान के दावे वाले क्षेत्र डोकलाम में भारतीय सेना द्वारा चीन के निर्माण कार्य को रोकने की वजह से दोनों सेनाएं एक-दूसरे के आमने-सामने आ गई थीं। डोकलाम भारतीय सीमा के काफी नजदीक है, जो इसके पूवरेत्तर भाग को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है। यह गतिरोध अगस्त माह में समाप्त हुआ था। सीमाओं के परिसीमन को लेकर उन्होंने कहा, चीन का पक्ष स्पष्ट और सुसंगत है। पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्र का अभी भी आधिकारिक रूप से परिसीमन किया जाना बाकी है। चीन बातचीत के जरिए संबंधित विवाद को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत-चीन के बीच लंबी सीमा तीन क्षेत्रों में विभक्त है। पश्चिमी क्षेत्र लद्दाख और अक्साई चीन के बीच है, मध्य क्षेत्र उत्तराखंड और तिब्बत के बीच है और पूर्वी क्षेत्र तिब्बत को सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से अगल करता है।

हुआ से यह पूछे जाने पर कि वह बंबावले के उस बयान के बारे में क्या विचार रखती हैं, जिसमें उन्होंने चीन के दक्षिण एशियाई देशों से बढ़ते संबंध को भारत के लिए खतरा नहीं बताया था, पर उन्होंने कहा, मैं भारतीय राजदूत के इस साकारात्मक बयान की सराहना करती हूं। दोनों देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए चीन और भारत एक-दूसरे के साथ-साथ विश्व को भी अवसर मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम समान राष्ट्रीय स्थिति, विकास लक्ष्य और समान हित साझा करते हैं। हुआ ने कहा, हमारे पास एक-दूसरे का सहयोगी होने के कई कारण हैं। इसलिए हम दोनों नेताओं (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग) के दिशानिर्देश में राजनीतिक विश्वास और पारस्पर लाभदायी सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करना चाहेंगे।