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भारत ने 'तबाह हो रहे देश की सहायता

नई दिल्ली: रूस ने भारत की अफगानिस्तान में विकास के विभिन्न कार्यक्रम चलाने के लिए तारीफ करते हुए बुधवार को कहा कि वहां भारत की ‘‘अत्यावश्यक’’ भूमिका है. युद्ध से तबाह अफगानिस्तान में भारत के कार्य को लेकर रूस के उपविदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव की टिप्पणी तब आई है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में भारत की भूमिका का मज़ाक उड़ाया था. भारत की यात्रा पर आए मंत्री ने कुछ मामलों में परिणामों के बारे में विचार किए बिना ही ताकत, सैन्य शक्ति तथा सैन्य तरीके अपनाने की प्रवृति को लेकर अमेरिका और कुछ अन्य देशों की आलोचना भी की.

उन्होंने कहा कि यह अपने आप में अस्थिरता का कारण है. अफगानिस्तान के पुन:निर्माण में भारत की भूमिका पर किए गए सवाल पर रयाबकोव ने कहा, ‘‘ उन सभी देशों में जहां हम घरेलू संघर्ष देख रहे हैं, वहां विकास का मुद्दा सर्वप्रथम मुद्दा होता है.  युद्ध जीते जा सकते हैं, लेकिन आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता में ठोस निवेश के लिए बिना शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती है.’’

उन्होंने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि भारत और अन्य देश अफगानिस्तान में साजो-समान के क्षेत्र में सहयोग के जो प्रयास कर रहे हैं वे ‘अत्यावश्यक’’ है. भारत जंग में तबाह हुए अफगानिस्तान के पुन:निर्माण में सक्रियता से भाग ले रहा है. भारत ने अमेरिका नीत बलों द्वारा तालिबान को सत्ता से हटाने के बाद से अफगानिस्तान को करीब तीन अरब अमेरिकी डॉलर की मदद की प्रतिबद्धता की है.

अफगान शांति वार्ता और तालिबान को बातचीत में शामिल करने के सवाल पर रयाबकोव ने कहा, ‘‘ हम इस देश के संबंध में भारत की अनिवार्य भूमिका को समझते हैं और रूस स्थिति के शांतिपूर्ण हल और संधि के लिए मॉस्को प्रक्रिया समेत सभी प्रारूपों में किए जा रहे सभी प्रयासों को बढ़ावा देगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अफगानिस्तान पर द्विपक्षीय वार्ता के साथ ही हम हमेशा भारत और भारतीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हैं.

रूस और भारत अहम मुद्दों पर करीब से मिलकर काम करते हैं. उपमंत्री ने दावा किया कि रूस, भारत और कुछ अन्य देशों ने जिन चीजों को प्रोत्साहित किया, उसे कुछ देशों ने अलग तरीके से प्रचारित किया. ये एक ‘कृत्रिम प्रतिस्पर्धा है.’’ गौरतलब है कि भारत ने नवंबर में मास्को में अफगान शांति प्रक्रिया पर हुए एक सम्मेलन में अपने दो पूर्व राजनयिकों को ‘अनौपचारिक’ हैसियत से भेजा था. 

पाकिस्तान में अब नहीं दिखाए जायँगे भारतीय कार्यक्रम , क्या है कारण

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के चीफ जस्टिस साकिब निसार ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर भारतीय कार्यक्रम दिखाने की अनुमति नहीं देगा क्योंकि यह ‘‘हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचाते हैं.’’ 

हाईकोर्ट के फैसले को पलटा!
"डॉन" की खबर के अनुसार चीफ जस्टिस निसार ने पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर भारतीय कार्यक्रमों के प्रसारण पर पाबंदी के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान इलेक्ट्रानिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पेमरा) की अपील पर सुनवाई करते वक्त ये टिप्पणियां कीं. अखबार के अनुसार, प्राधिकरण के प्रमुख सलीम बेग ने अदालत से कहा कि ‘फिल्माजिया चैनल’ पर दिखाए जाने वाले 65 प्रतिशत कार्यक्रम विदेशी हैं और कई बार यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक चला जाता है.

चैनलों से नहीं हो कोई दुष्प्रचार- वकील
इस पर, प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम (पाकिस्तानी) चैनलों पर भारतीय कार्यक्रमों के प्रसारण की अनुमति नहीं देंगे.’’ प्राधिकरण के वकील ने प्रधान न्यायाधीश से कहा, ‘‘फिल्माजिया कोई समाचार चैनल नहीं बल्कि मनोरंजन चैनल है, यह कोई दुष्प्रचार नहीं करता है.’’ प्रधान न्यायाधीश ने जवाब दिया, ‘‘हालांकि यह हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहा है.’’ 

मामले के सभी पहलूओं पर विचार करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने इस केस की सुनवाई को फरवरी तक के लिए टाल दिया है. न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान में जल्द ही भारतीय चैनलों पर बैन लग सकता है.
2016 में लगाया गया था इस तरह का प्रतिबंध
इससे पहले 2016 में पेमरा ने स्थानीय टेलीविजन और एफएम रेडियो चैनलों पर भारतीय सामग्री को प्रसारित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. इस फैसले को काफी हद तक भारत में कुछ चैनलों और मनोरंजन उद्योग द्वारा समान सामग्री और कलाकारों के खिलाफ उठाए गए कदमों के बाद 'जैसे को तैसा' कदम के रूप में देखा गया था

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ बैठक से किया वॉकआउट

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी कामबंदी पर डेमोक्रेट्स नेताओं के साथ बातचीत नहीं की और बैठक से उठकर चले गए। देश में आंशिक सरकारी कामबंदी बीते तीन सप्ताह से जारी है। ट्रंप ने इस बैठक को पूरी तरह से समय की बर्बादी बताया।

ट्रंप ने बुधवार रात ट्वीट कर कहा, ‘‘सदन में अल्पमत नेता चक शुमर और प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के साथ बैठक छोड़ दी, जो पूरी तरह से समय की बर्बादी थी। मैंने उनसे पूछा कि क्या आप सीमा सुरक्षा को मंजूरी देंगे, जिसमें सीमा पर दीवार या स्टील का बैरियर शामिल है? इस पर नैंसी ने कहा नहीं। मैं कहा, मैं चलता हूं।’’

सीएनएन के मुताबिक, बुधवार दोपहर को व्हाइट हाउस में बैठक के बाद शीर्ष कांग्रेसनल डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए इस संकट से जूझ रहे संघीय कर्मचारियों को राहत नहीं देने और इस कामबंदी को लेकर चर्चा नहीं करने का आरोप लगाया।

अफगानिस्तान की शांति के लिए पाकिस्तान, करने जा रहा है ये काम

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने के लिए सभी प्रयास करेगा.
अफगान शांति की खातिर क्षेत्रीय सहमति के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के विशेष दूत मोहम्मद उमर दाउदजई के साथ एक बैठक के दौरान कुरैशी ने मंगलवार को कहा कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता पाकिस्तान के अपने राष्ट्रीय हित में है और क्षेत्र के आर्थिक विकास तथा समृद्धि के लिए यह आवश्यक भी है.

विदेश कार्यालय (एफओ) ने एक बयान में कहा, ‘‘विदेश मंत्री ने आश्वासन दिया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में रक्तपात पर जल्द से जल्द रोक लगाने में वहां के लोगों की मदद करने के लिए सभी प्रयास करेगा ताकि अफगान जनता शांति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश कर सके.’’ 
दाउदजई ने सहयोग के सभी क्षेत्रों में ‘‘अफगानिस्तान-पाकिस्तान एक्शन प्लान फॉर पीस एंड सॉलिडैरिटी’’ (एपीएपीपीएस) द्वारा मुहैया कराए गए ढांचे का अधिकतम उपयोग करने की अफगान सरकार की तीव्र इच्छा व्यक्त की. उन्होंने कहा ‘‘द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक गतिविधियों में तेजी, नियमित एवं अधिक सांस्कृतिक संपर्क तथा जनसंपर्क में वृद्धि समय की मांग है.’’ 

मानव तस्करी ने लिया भयावह रूप, हर तीसरा बच्चा पीड़ित

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार यूरोप के कई हिस्सों में भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों के तस्करी पीड़ितों का पता चला है . इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हर तीसरा तस्करी पीड़ित एक बच्चा है और इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि मानव तस्करी अब "भयावह रूप" ले चुका है. दुनियाभर में नशीली दवाओं और अपराध की निगरानी करने वाली संयुक्तराष्ट्र की संस्था यूएन ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) की 'ग्लोबल रिपोर्ट ऑन ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स 2018' 142 देशों से ली गई जानकारी पर आधारित है, जिसमें तस्करी के तौर तरीकों की जांच-पड़ताल की गई है.

रिपोर्ट में कहा गया कि पीड़ितों के साथ हो रहे यौन शोषण के साथ ही मानव तस्करी अब "भयानक रूप" ले चुका है. तस्करी के शिकार हुये लोगों में अब 30 फीसदी बच्चे शामिल हैं, जिनमें लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या कहीं अधिक होती है. पश्चिमी और दक्षिणी यूरोप के कई हिस्सों में भी दक्षिण एशिया (और दक्षिण-पश्चिम एशिया) के पीड़ितों का पता चला है.

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘इन पीड़ितों को बांग्लादेश, भारत, और पाकिस्तान समेत अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों से तस्करी कर लाया गया है, जिनमें नेपाल और श्रीलंका से कुछ हद तक लाये गये लोग भी शामिल हैं. नॉर्डिक देशों, नीदरलैंड और ब्रिटेन में भी अफगानिस्तान से तस्करी कर लाये गये कई पीड़ितों का पता लगाया गया है.’’ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इन देशों से ही ज्यादातर लोगों को तस्करी कर दुनिया के बाकी हिस्सों में ले जाया जाता है. दुनिया भर के 40 से अधिक देशों में दक्षिण एशियाई तस्करी पीड़ितों का पता चला है

इस देश में ट्रांसजेंडर पुरुष हुआ प्रेगनेंट, पूरी पढ़े खबर

अमेरिका | आज के समय में विज्ञान में इतनी तरक्की कर ली है कि अब हर वो असंभव काम भी संभव हो गया है। आज तक हम जिस चीज के बारे में सिर्फ कल्पना और ख्वाब ही देखते थे वो अब सच में होने लगा है। ऐसा ही एक अजीबोगरीब मामला अमेरिका में सामने आया है। 
अमेरिका के टेक्सास में एक ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल, यहां एक ट्रांसजेंडर पुरुष के प्रेगनेंट होने की खबर सामने आई है। पुरुष को लग रहा था कि वो प्रेगनेंट नहीं हो सकता।

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, विली पिछले 7 सालों से टेस्टोस्टरोन की दवाई ले रहे थे। टेस्टोस्टरोन दवाई मुख्य रूप से पुरुष सेक्स हार्मोन है और हाइपोगोनैडिज्म और कम टेस्टोस्टेरोन के स्तर के लक्षणों के इलाज में ली जाती है

करीब 7 साल तक दवाई खाने के बाद विली सिंपसन अचानक प्रेग्नेंट हो गए यह उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। विली और स्टीफन ने अपनी कहानी बी टीवी के रियालिटी शो ‘एक्सट्रीम लव’ सीरिज पर शेयर की है।

 दोनों कपल अपने आने वाले बच्चे को लेकर बहुत ज्यादा खुश हैं। प्रेगनेंसी और बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया से विली बहुत डरे हुए हैं

पहले तो दोनों बच्चे को अडॉप्शन के लिए देना चाहते थे लेकिन फिर बाद में उन्होंने अपना मन बदल दिया। विली अपने बच्चे की परवरिश खुद करना चाहते हैं

 पिताओं का यह जोड़ा अपने परिवार में आनेवाले नए मेहमान का बेसब्री से इंतेजार कर रहा है।

सिंध प्रांत के CM ने किया ऐसा दावा, इमरान खान के लिए कही ये बात

बदीन (पाकिस्तान): पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान नकदी के संकट से जूझ रहे अपने देश के लिए दुनियाभर में घूमकर वित्तीय मदद की भीख मांग रहे हैं.  बदीन के मातली में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता शाह ने कहा, "इमरान खान (वित्तीय मदद की) भीख मांगने के लिए एक देश से दूसरे देश जा रहे हैं." समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने कहा कि जिन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है, उन्हें सरकार में शामिल किया गया है.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पांच जनवरी को पाकिस्तान को उसके भुगतान संतुलन की चुनौती का समाधान करने में मदद के लिए 6.2 अरब डॉलर का पैकेज देने का फैसला लिया. डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पैकेज में 3.2 अरब डॉलर मूल्य के तेल की आपूर्ति के लिए भुगतान को बाद में करने की सुविधा और तीन अरब डॉलर नकदी शामिल हैं.  इसकी घोषणा अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के रविवार से पाकिस्तान के दो दिनों के दौरे के दौरान की जा सकती है.  
पाई पाई के लि‍ए मोहताज पाकिस्‍तान को 6.2 अरब डॉलर का कर्ज दे सकता है यूएई
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से भी 8 अरब अमेरिकी डॉलर की कर्ज सहायता के लिए बातचीत कर रहा है. यूएई अपने सहायता पैकेज में पाकिस्तान को 3 अरब अमेरिकी डॉलर की नकद जमा देने के साथ साथ 3.2 अरब अमेरिकी डालर के तेल की आपूर्ति उधार पर करने सुविधा दे सकता है. पाकिस्तान के डॉन अखबार ने देश के एक केंद्रीय मंत्री के हवाले से यह खबर दी है.

खबर में मंत्री के हवाले से कहा गया है कि यूएई के सहायता पैकेज की शर्तें सऊदी अरब से प्राप्त पैकेज की शर्तों जैसी ही हैं. पाकिस्तान को उसके घनिष्ठ मित्र चीन से मोटी मदद मिल रही है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन की सहायता राशि नहीं बतायी है. उन्होंने कहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उन्हें राशि सार्वजनिक करने से मना किया है.
पाकिस्तान मुद्राकोष से ऋण की बात तो कर रहा है पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह सुनिश्चत करना चाहते हैं कि इस बहुपक्षीय संस्था से कर्ज में मिले धन का प्रयोग पाकिस्तान चीन के महंगे कर्ज को चुकाने में ना करे. अमेरिका का मानना है कि चीन के ऋण भार के चलते ही पाकिस्तान आर्थिक कठिनाइयों में फंसा है.

पीएम मोदी ने ट्रंप से फोन पर की कुछ खास बातचीत 

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फोन पर बातचीत कर रक्षा, आतंकवाद विरोधी कदमों और ऊर्जा के क्षेत्रों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग को सराहा.

नए साल की दी शुभकामनाएं
अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने बातचीत के दौरान एक दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और वर्ष 2018 में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझीदारी लगातार बढ़ने पर संतोष व्यक्त किया.

शिखर सम्मेलन की तारीफ की
उन्होंने नई 2+2 वार्ता व्यवस्था और भारत, अमेरिका एवं जापान के बीच पहले त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन की भी प्रशंसा की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मामलों पर समन्वय के अलावा रक्षा, आतंकवाद रोधी कदमों और ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग को भी सराहा. मोदी और ट्रम्प ने सोमवार शाम हुई वार्ता में 2019 में भारत-अमेरिकी संबंधों को और मजबूत बनाने तथा मिलकर काम करने पर सहमति जताई.

 

14 साल से कोमा में थी महिला ने दिया बच्चे को जन्म

अमेरिका के फीनिक्स से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. एक महिला 'कोमा' में होने के चलते पिछले 14 साल से हॉस्पिटल में भर्ती थी. इस महिला ने अब एक बच्चे को जन्म दिया है, जिस पर किसी को यकीन नहीं हो रहा. लिहाजा पुलिस इस मामले को लेकर यौन उत्पीड़न की जांच में जुट गई है.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इस महिला ने 29 दिसंबर को एक बच्चे को जन्म दिया. हॉस्पिटल में किसी को पता नहीं था कि वो महिला प्रेगनेंट है. फीनिक्स पुलिस का कहना है कि इस मामले की फिलहाल जांच चल रही है.
पुलिस से जब पूछा गया कि क्या हॉस्पिटल के किसी स्टाफ से पूछताछ की गई है या फिर वो DNA टेस्ट करवाने वाले हैं, तो पुलिस ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. वहीं पीड़िता की वकील ताशा मेनाकर का कहना है कि पुलिस को हॉस्पिटल में मौजूद पुरुष स्टाफ का DNA टेस्ट कराना चाहिए.
जिस हॉस्पिटल में इस महिला का इलाज चल रहा था वो भी काफी नामी जगह है. यहां के अधिकारी भी काफी हैरान है. उनका कहना है कि मामले की वे लोग भी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं.
बताया जा रहा है कि इस महिला के मां-बाप की पानी में डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद ये महिला कोमा में चली गई थी.

शादी में थर्माकोल से बना केक के कारण फूट-फूटकर रोई दुल्हन

फिलीपींसः हर किसी का सपना होता है कि उसकी शादी ऐसी हो कि कोई भी उस शादी को भूल न पाए. ऐसा ही कुछ हुआ फिलीपींस के पासिंग शहर में, जहां एक जोड़े ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन उनका शादी का मजा तब किरकिरा हो गया जब केटरर ने शादी में वनीला केक की जगह थर्माकोल का केक भेज दिया. शादी के बाद कपल ने जैसे ही केक काटा तो देखा कि तो केक की जगह थर्माकोल देखकर हैरान रह गया. थर्माकोल का केक देख जोड़े को बेहद शर्मिंदगी हुई और दुल्हन तो वहीं बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी.
मामला यहीं खत्म नहीं होता है, केटरर ने शादी में खाने का इंतजाम भी नहीं किया, जिसकी वजह से मेहमानों को भी भूखा ही रहना पड़ा. कपल के मुताबिक उन्होंने शादी में वेडिंग प्लानर को 1.40 लाख पीसो (करीब 2 लाख रुपये) दिए थे, जिसमें रिसेप्शन की केटरिंग भी शामिल थी, लेकिन वेडिंग प्लानर ने न तो खाने का इंतजाम अच्छे से किया और केक भी थर्माकोल से बना पहुंचा दिया, जिसके बाद उन्हें मेहमानों के सामने काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. बता दें केटरर ने जो केक भेजा था, उसके ऊपरी हिस्से में तो ब्रेड थी, लेकिन उसके बाद की परत में थर्माकोल था.
40 साल के झोन चेन और 26 साल की शाइन तोमायो नाम ने हाल ही में चर्च में शादी करने के बाद होटल में रिसेप्शन रखा था, जिसके लिए उन्होंने एक वैडिंग प्लानर को अच्छे से साज-सजावट और खाने के लिए करीब 2 लाख का भुगतान किया था, लेकिन महिला ने न तो खाने का इंतजाम किया और न ही किन्हीं दूसरी चीजों का. जिसके चलते इस कपल ने रेस्टोरेंट से मेहमानों के लिए खाना मंगाया, ताकि उन्हें भूखे न रहना पड़े. वहीं इस तरह से शर्मिंदगी उठाने के बाद झोन और शाइन ने पुलिस के पास इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई. जिसके बाद आरोपी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

मलेशिया के सुल्‍तान ने अपने पद से दिया इस्तीफा , जाने क्या है कारण

कुआलालंपुर: मलेशिया के सुल्‍तान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. देश के इतिहास में यह पहला ऐसा मामला है. शाही अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. सुल्तान मोहम्मद पंचम के इस्तीफे की घोषणा से कई सप्ताह से चल रही उन अटकलों पर विराम लग गया है जो उनके चिकित्सीय अवकाश पर जाने के बाद से लगाई जा रही थीं.

ब्रिटेन से 1957 में आजादी मिलने के बाद मुस्लिम बहुल वाले देश में यह किसी सुल्‍तान का पद से इस्तीफा देने का पहला मामला है. गौरतलब है कि शाह ने नवंबर के शुरूआत में दो माह की छुट्टी ली थी जिसके बाद अफवाहें फैलने लगीं थीं कि उन्होंने रूस की एक पूर्व ब्यूटी क्वीन से विवाह कर लिया है.

रॉयल हाउसहोल्ड के नियंत्रक वान अहमद दहलान अब्दुल अजीज के हस्ताक्षर वाले एक बयान में कहा गया, ‘‘शाह मलेशिया की जनता से कहते हैं कि एकता, सहनशीलता और मिल कर काम करने के लिए एकजुट रहें.’’ इसमें यह नहीं बताया गया कि 49 वर्षीय शाह ने पद से इस्तीफा क्यों दिया?

उल्‍लेखनीय है कि सुल्‍तान मोहम्‍मद पंचम दिसंबर, 2016 में गद्दी पर बैठे थे. नवंबर में मेडिकल उपचार के लिए छुट्टी पर जाने के बाद उनके बारे में कयास लगाए जाने लगे थे. सोशल मीडिया पर इस तरह की रिपोर्ट्स आई थीं कि उन्‍होंने रूस की पूर्व मिस मॉस्‍को से शादी कर ली है. लेकिन इस कथित शादी के बारे में शाही अधिकारियों ने कोई टिप्‍पणी नहीं की. सुल्‍तान के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई.
हालांकि मलेशिया की शासन व्‍यवस्‍था में सुल्‍तान की भूमिका रस्‍मी होती है लेकिन इस्‍लामिक राजशाही को खासकर मुस्लिम मलय समाज में बेहद इज्‍जत की नजरों से देखा जाता है. इस कारण उनकी किसी भी तरह की आलोचना सार्वजनिक रूप से वर्जित है.

दरअसल लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर सुल्‍तान के भविष्‍य के बारे में कयास इस हफ्ते उस वक्‍त जोर पकड़ने लगे जब देश के इस्‍लामिक रॉयल्‍स ने इस बारे में विशेष बैठक बुलाई.

संवैधानिक राजशाही
मलेशिया में संवैधानिक राजशाही है. इसके तहत एक खास व्‍यवस्‍था की गई है जिसमें मलेशिया के नौ राज्‍यों के शासकों में से किसी को पांच साल के लिए देश का सुल्‍तान चुना जाता है. सदियों पुरानी इस्‍लामिक राजशाही के तहत हर पांच साल में देश का सिंहासन एक राजा के बाद दूसरे के पास चला जाता है. 1957 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से ये दस्‍तूर जारी है और हर पांच साल में शासक बदल जाता है. इस चक्रीय राजशाही व्‍यवस्‍था में सुल्‍तान मोहम्‍मद पंचम अपना पद छोड़ने वाले पहले सुल्‍तान हैं.

अमेरिका को दी चीन ने टकर , बनाया बम

अमेरिका की तरफ से बनाए गए 'मदर ऑफ ऑल बॉम्स' के जवाब में चीन ने बेहद विनाशकारी बम बनाया है। शुक्रवार को इसे वहां के ऑफिशियल मीडिया ने नॉन न्यूक्लियर का सबसे शक्तिशाली हथियार बताया है।

देश के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चीन के रक्षा उद्योग से जुड़े 'नोरिन्को' (NORINCO) ने पहली बार इस एरियल बम (Aerial Bomb) के विनाशकारी प्रदर्शन को दिखाया। अखबार ने बताया कि इसके भारी विनाशकारी क्षमता का दावा किए जाने के चलते चीन के वर्जन में इसे ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्स’ कहा जा रहा है, जो परमाणु बम के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली बम है।

दिसंबर के आखिर में चीन नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NORINCO) की तरफ से एक प्रमोशनल वीडिया में यह दिखाया गया कि ये बम 'एच-6के' बॉम्बर से आसमान से फेंका गया जिसके बाद बड़ा विस्फोट हुआ। सरकार की तरफ से संचालित न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि ऐसा पहली बार है जब विनाशकारी बम को इस तरह से सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन कर दिखाया गया है।

पिछले साल, अफगानिस्तान में आतंकियों के साथ छिड़ी लड़ाई के दौरान अमेरिकी सेना ने आईएसआईएस पर विनाशकारी बम 'जीबीयू-43/बी मासिव ऑर्डिनेंस एयर ब्लास्ट' (एमओएबी) गिराए थे। इसे आमतौर पर ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्स’ कहा जाता है।

हालांकि, चीनने इसका भी वहीं नाम रखा है लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि कई टन वजन वाले इस बम की कीमत अमेरिकी बम की तुलना में कम और हल्का है। बीजिंग के रक्षा विश्लेषक वेई दोंग्जू ने ग्लोबल टाइम्स को गुरुवार को बताया कि वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि ‘एच-6के बम बे’ का आकार औसत तौर पर पांच से सात मीटर्स लंबा है।