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जापान: गामागोरी शहर में बिकी एेसी मछली, मिसाइल हमले का अलर्ट जारी

टोक्योः जापान के गामागोरी शहर में एक मछली की वजह से प्रशासन को हाई अलर्ट जारी करना पड़ गया। लोगों को चेताने के लिए प्रशासन ने लाउडस्पीकर पर अनाउंसमैंट कराया कि इस मछली को खाने से बचें। दरअसल जापान के एक सुपरमार्कीट ने गलती से फूगु मछली के 5 पैकेट्स बेच दिए थे। इस सुपरमार्कीट में मछली बेचने से पहले उसके लिवर नहीं निकाला गया था, जबकि इसमें एक विषैला तत्व पाया जाता है। जैसे ही प्रशासन को ये बात पता चली वो हरकत में आया और लोगों को सावधान करने के इरादे से उस लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराई, जिसे मिसाइल अटैक के वक्त इस्तेमाल किया जाता है।प्रशासन ने मछली के 3 पैकेट्स को जब्त कर लिया है, मगर बाकी दो पैकेट्स नहीं मिले हैं। ऐसे में गामागोरी शहर में प्रशासन ने एइमरजेंसी वायरलैस सिस्टम के जरिए इस फूगु मछली को न खाने की सलाह दी है। जापान में फूगु मछली काफी पसंद की जाती है और सर्दियों में ये सबसे महंगी डिशेस में से एक है। मगर इस मछली की चमड़ी, आंत और लिवर में एक तरह का जहरीला तत्व टेट्रोडोटॉक्सिन पाया जाता है जो जानलेवा होता है। जापान में शेफ को इसे पकाने के लिए पहले मंजूरी लेनी पड़ती है। इस मछली के लिवर को अगर आप खाते हैं तो लकवा मार सकता है, वहीं इससे सांस लाने में भी परेशानी हो सकती है और वक्त रहते ईलाज न मिला तो इंसान की मौत भी हो सकती है।

यूरोप: भीषण तूफान ने ली 9 की जान

र्बिलन: उत्तरी यूरोप में आए भीषण तूफान के कारण दो दमकलर्किमयों सहित नौ लोगों की मौत हो गई । इस आपदा के कारण ट्रेन और हवाई संपर्क ठप हो गया है। जर्मनी ने लंबी दूरी की सभी रेल सेवाओं को कम से कम एक दिन के लिए रोक दिया है जबकि देश में आये इस तूफान के कारण कई घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। तूफान से मरने वालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात किये गए दो दमकलकर्मी भी शामिल हैं।
स्कूल को लिया चपेट में 
मरने वालों में दो ट्रक चालक भी हैं जिनके वाहन इस तूफान में उड़ गए। फ्रेडरिक नामक इस तूफान ने एक स्कूल को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान वहां बच्चे भी मौजूद थे लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। जर्मन पुलिस ने बताया कि देश के उत्तरी शहर ब्रोकेन में तूफान की वजह से हवाएं 203 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलीं। जर्मनी के मौसम विभाग के अनुसार, 2007 के बाद यह सबसे बुरा तूफान रहा है ।

दक्षिण चीन सागर में विध्वंसक ताकत है चीन: अमेरिकी कमांडर

अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस ने चीन को ‘‘विध्वंसक परिवर्तनकारी ताकत’’ बताया। दक्षिण चीन सागर में समुद्र संबंधी विवादों का जिक्र करते हुए हैरिस ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब चीन उस जल क्षेत्र पर दावा ठोकता है जिस पर दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के राष्ट्र भी दावा जताते हैं तो फिर इस संगठन के सदस्य वियतनाम, मलेशिया और फिलीपीन कितने रक्षात्मक हो पाएंगे।

जल्द लेने होंगे बड़े फैसले 
हैरिस ने नई दिल्ली में नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा, जापान के एडमिरल कत्सुतोशी कवानो और ऑस्ट्रेलिया के नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल टिम बारेट के साथ रायसीना वार्ता में एक पैनल चर्चा के दौरान कहा कि मेरे मुताबिक हिंद प्रशांत में चीन एक विध्वंसक परिवर्तनकारी ताकत है।  हैरिस के मुताबिक चीन की हरकतों ने वियतनाम, फिलीपींस से लेकर मलेशिया आदि देशों में अशांति पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत महासागर को मुक्त और खुशहाल रखने के लिए हमें कड़े फैसले लेने होंगे।

पोप फ्रांसिस ने प्लेन में कराई कपल की शादी

 हर लड़का- लड़की का सपना होता है कि उनकी शादी दुनिया में सबसे अनोखी हो लेकिन कुछ लोग ही इसे पूरा करने में कामयाब हो पाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ फ्लाइट अटेंडेंट दंपत्ति के साथ जिनकी शादी खुद पोप फ्रांसिस ने प्लेन में करवाई। हालांकि पोप कई लोगों की शादियां करवा चुकें हैं लेकिन उन्होंने प्लेन में पहली बार इस तरह की शादी करवाई। इस अनोखी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है जिन्हे काफी पसंद किया जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार पाउला पोडेस्‍ट रुइज(39) और कार्लोस क्‍यूफार्डी एलोरिगा(41) की शादी आठ साल पहले हो गई थी लेकिन 2010 में आए भूकंप के कारण शादी की रस्‍म चर्च में नहीं हो पाई थी।पोप फ्रांसिस के चिली दौरे के दौरान दंपत्ति ने उनसे मुलाकात कर आर्शीवाद देने को कहा। जब पोप को पता चला कि उन दोनों की शादी चर्च में नहीं हुई तो उन्होंने प्लेन में ही इस अधूरी शादी को पूरा करने का फैसला लिया।

पोप ने प्‍लेन के आगे के हिस्‍से में जाकर दोनों की शादी कराई। लतम एयरलाइंस के प्रेसिडेंट इगनेशियो क्‍यूटो इसके गवाह बने। पोप फ्रांसिस ने दोनों को एक मैरिज सर्टिफिकेट भी साइन करके दिया। शादी के बाद कपल ने कहा कि उन्‍होंने कभी नहीं सोचा था कि पोप उनकी शादी फिर से करवा देंगे। बता दें कि इस दंपत्ति की 2 बेटियां भी है।

महीने में सिर्फ 6 मिनट निकला सूरज, पलकें बन गई बर्फ

मॉस्कोः पूरी दुनिया में कई देश इस समय ठंड की चपेट में हैं। अमरीका लंदन और रूस जैसे देशों में तो सर्दी ने कहर मचा रखा है।इस समय सबसे ज्यादा ठंड रूस में  पड़ रही है।  
TASS न्यूज एजैंसी के मुताबिक, मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के मेटियोलोजिस्ट स्टोशन ने बताया कि 2017 के पूरे दिसंबर में मॉस्को में सिर्फ 6 या 7 मिनट के लिए सूरज निकला । इससे पहले साल 2000 में मॉस्को में दिसंबर में सबसे कम रोशनी हुई थी, जो सिर्फ तीन घंटे थी। इतनी ठंड को देखते हुए लोकल पुलिस ने माता-पिता को बच्चों को घर के अंदर ही रहने को कहा है। 

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सोशल मीडिया पर यहां की तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं. बता दें, ओइमाकॉन का मतलब होता है, ऐसी जगह जहां पानी जमता नहीं हो, लेकिन यहां पानी से लेकर इंसान भी जम गया है। यहां सबसे कम तापमान -72 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।इस जगह को 'पोल ऑफ कोल्ड' भी कहा जाता है। रूस के एक गांव में दुनिया की सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है।  वहां का तापमान -67 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस गांव का नाम ओइमाकॉन है। इसे दुनिया का सबसे ठंडी जगह माना जाता है। इस गांव की कुल आबादी 500 है। यहां के लोगों का गुजर-बसर करना मुश्किल हो गया है।नदी से लेकर पेड़ सभी चीज जमी हुई है। 

चीन ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा एयर प्यूरीफायर

जालंधर : बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए चीन में दुनिया का पहला 100 मीटर ऊंचा एयर प्योरिफायर बनाया गया है। उत्तरी चीन के शांग्सी प्रांत में फिलहाल इस पर टैस्ट किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह 328 फीट ऊंचे एयर प्योरिफायर से देश में प्रदूषण के स्तर पर काफी नियंत्रण पाया जा सकेगा। टैस्ट के दौरान इसने स्मोग के लैवल को कम करने व एयर क्वालिटी में सुधार करने में काफी मदद की है।

दुनिया के सबसे बड़े एयर प्योरिफायर से जुड़े कुछ तथ्य 

 दुनिया का सबसे बड़ा एयरप्योरिफायर करीब 10 स्कवेयर किलोमीटर्स एरिए में स्मोग को कम करने में मदद करेगा। यह प्योरिपायर रोजाना दस मिलियन क्यूबिक मीटर हवा को साफ करेगा। प्रदूषित हवा इसमें लगे ग्लास हाउस में जमा हो जाती है जिसके बाद सोलर एनर्जी की मदद से यह एयर प्योरिफायर इसे गर्म करता है। इसके बाद यह हवा क्लीनिंग फिल्टर्स से होते हुए बाहर कर दी जाती है।  इस एयर फिल्टर में लगा सिस्टम सर्दी के मौसम में भी कारगर तरीके से काम करता है। इसके ग्रीन हाउस में लगे ग्लास सोलर रेडिएशन को सोख लेते हैं जिससे प्रदूषित हवा को गर्म किया जाता है। 
 

अफगानिस्तान : मोर्टार हमले में 5 लोगों की मौत, 45 घायल

काबुल। अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत में एक स्थानीय बाजार में आतंकियों द्वारा मोर्टार से किए गए हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई। इसके अलावा 45 अन्य घायल हो गए।  समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह घटना सुबह में हुई। आतंकियों ने फरयाब प्रांत के ख्वाजा सब्ज पोश जिले के बाजार में तीन राउंड मोर्टार दागे। पुलिस ने कहा कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने से मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। पुलिस ने कहा कि घायलों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। हमले की किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन तालिबान व इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकवादी फरयाब के कुछ हिस्सों में मौजूद हैं। प्रांत में बीते महीनों में सुरक्षा बलों व आतंकवादियों के बीच भारी संघर्ष हुआ है। अफगानिस्तान के संयुक्त राष्ट्र मिशन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 के पहले नौ महीनों में संघर्ष से जुड़ी घटनाओं में 2,640 से ज्यादा नागरिक मारे गए हैं और 5370 से ज्यादा घायल हुए है।

नए अमेरिकी प्रतिबंधों का उचित जवाब देगा ईरान

तेहरान। ईरान के न्यायिक प्रमुख अयातुल्ला सादिक अमोली लारिजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान की कंपनियों और ईरानी लोगों पर अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाने का समुचित जवाब दिया जाएगा। लारिजनी के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाया गया है।  समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, लारिजनी ने कहा कि किसी देश के न्यायिक प्रमुख के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जाना सभी अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखाओं का उल्लंघन है। लारिजानी ने कहा कि ईरान ऐसे कदमों पर चुप नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि प्रतिबंध के खिलाफ ईरान क्या कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि वह अपने खिलाफ लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों की परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, "अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि उसके हर शत्रुतापूर्ण कदम का ईरान माकूल जवाब देगा।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि, शुक्रवार को ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील की समय सीमा बढ़ा दी थी, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान द्वारा कथित तौर पर मानवाधिकार के उल्लंघन और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर ईरान की कंपनियों और 14 लोगों पर प्रतिबंध लगाया था लारिजानी ने कहा कि 2015 का ईरान परमाणु समझौता, जिसे संयुक्त व्यापक कार्ययोजना के नाम से जाना जाता है, उसे किसी भी सूरत में बदला नहीं जा सकता और न ही उसे किसी अन्य मुद्दे से जोड़ा जा सकता है।