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जीएसटी के मुआवजे के लिए राज्यों को मिले 8698 करोड़ रुपए

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू होने के बाद पिछले दो महीनों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्यों को 8,698 करोड़ रुपये दिये हैं। राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर बाकी सभी राज्यों को इसका मुआवजा मिलेगा।

जीएसटीएन की देखरेख के लिए बने मंत्रिसमूह के प्रमुख एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि जुलाई और अगस्त में सेस से मिले कुल राजस्व का 58 फीसद मुआवजे के रूप में राज्यों को जारी किया गया है। सेस से जुलाई-अगस्त में 15,060 करोड़ रुपये मिले। जीएसटी के तहत लक्जरी कारों और तंबाकू जैसी चीजों पर 28 फीसदी टैक्स लगाया गया है।

जीएसटी से राज्यों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए टैक्स के अतिरिक्त इन उत्पादों पर सेस लगाया गया है। अरुणाचल प्रदेश को क्षतिपूर्ति इसलिए नहीं दिया गया है क्योंकि राज्य कुछ तकनीकी कारणों से इस संबंध में कोई दावा पेश नहीं कर सका। राजस्थान को भी किन्हीं तकनीकी कारणों से इस क्षतिपूर्ति फंड का लाभ अभी नहीं मिलेगा।

GST और PMLA के बावजूद, सितंबर तिमाही में दोगुना हुआ सोने का आयात

दिसंबर तिमाही में देश में सोने का आयात दोगुना रहा है। दिलचस्प बात यह है कि सोने का इतना आयात जीएसटी लागू होने, धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की अधिसूचना जारी होने, निर्यातक कंपनियों पर प्रतिबंधों और कम मौसमी मांग के सीजन के कारण पैदा हुई दिक्कतों के बावजूद रहा है।

जीएफएमएस थॉम्पसन रायटर्स के गोल्ड सर्वे जिसे गुरूवार को जारी किया गया में कहा गया है, “सितंबर तिमाही में आधिकारिक सोने का आयात 132.7 टन रहा, जो कि 66 फीसद की बढ़ोतरी का प्रतिनिधित्व करता है।” जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद आयात नीति में खामियों के कारण, मुक्त व्यापार समझौते के तहत जुलाई और अगस्त के दौरान दक्षिण कोरिया से 33 टन सोने का आयात किया जाने का अनुमान है।

KBC और Bigg Boss के विनर प्राइज मनी पर देते हैं कितना टैक्स, जानिए

नई दिल्ली। टीवी पर इन दिनों कई रियलिटी शो चल रहे हैं। इनमें कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी), बिग बॉस, डांस इंडिया डांस, इंडियन आइडल आदि शामिल है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि विजेताओं को जीतने पर मिलने वाली राशि टैक्सेबल होती है या टैक्स छूट के दायरे में आती है? साथ ही अगर टैक्सेबल होती है तो उसपर कितना टैक्स लगाया जाता है। हम अपनी इस खबर में यही बताने जा रहे हैं कि टीवी रियल्टी शो और गेम शो में जीतने पर मिलने वाली राशि पर आयकर कानून का क्या नियम है। 

रियलिटी शो की इनामी राशि पर भी टैक्स

रियलिटी शो में जीती गई राशि पर इनकम टैक्स के सेक्शन 56(2)(ib) के तहत टैक्स देनदारी बनती है। यह इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के दौरान इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज के अंतर्गत घोषित की जाती है। इनकम टैक्स के सेक्शन 56(2)(ib) के तहत नीचे दिए गए तरीकों से हुई कमाई इसके दायरे में आएगी

  • लॉटरी
  • क्रॉसवर्ड पजल
  • रेस (घोड़ों की रेस भी शामिल)
  • ताश या इससे संबंधित खेल
  • जुआ या सट्टेबाजी जैसे किसी काम से हुई कमाई

फाइनेंस एक्ट 2001 स्पष्ट करता है कि कार्ड गेम, कोई गेम शो या मनोरंजन प्रोग्राम जिसमें लोग इनाम जीतने के लिए हिस्सा लेते हैं इसमें शामिल माने जाते हैं। यानी इसमें टीवी या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में प्रसारित किए जाने वाले प्रोग्रामों में मिलने वाली इनामी राशि पर टैक्स लगता है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

ई-मुंशी के टैक्स एक्सपर्ट अंकित गुप्ता ने बताया कि किसी भी टेलिविजन गेम शो में जीती गई इनामी राशि पर 30 फीसद टैक्स लगता है। इस पर आप किसी भी प्रकार का डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकते हैं। यानी आप अगर कौन बनेगा करोड़पति में कोई राशि जीतते हैं तो आपको उसमें टीडीएस काटकर ही पैसा दिया जाता है। इसमें एजुकेशन सेस और सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन सेस भी शामिल होता है। इस हिसाब से कुल टैक्स 30.9 फीसद होता है। ऐसे में आपको इस तरह से मिली राशि पर इतना तो टैक्स देना ही होगा हां आप अपने टैक्स स्लैब रेट के हिसाब से थोड़ी राहत जरूर पा सकते हैं।

किस हिसाब से लगता है टैक्स:

टीवी शो या ऑनलाइन माध्यम से जीती गई राशि पर 30.9 फीसद की दर से इनकम टैक्स लगाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि कौन बनेगा कोरड़पति, नच बलिए, इंडिया गॉट टैलेंट, फियर फैक्टर और अन्य गेम शो से जीती गई राशि पर फ्लैट 30 फीसद का टैक्स लगाया जाता है। साथ ही इसमें इस तीस फीसद का दो फीसद एजुकेशन सेस और एक फीसद एसएचईसी (सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन सेस) भी शामिल होता है। इस तरह गेम शो पर जीती गई राशि पर कुल टैक्स 30.9 फीसद होता है।

ध्यान रखें कि इस मामले में इनकम टैक्स स्लैब रेट का लाभ नहीं उठाया जा सकता। पूरी राशि पर फ्लैट 30.9 फीसद की टैक्स वसूला जाता है।

इसमें सबसे अहम बात यह है कि अगर किसी संस्था की ओर से दी गई राशि एक वर्ष में 10,000 रुपये से ज्यादा है तो इस स्थिति में सेक्शन 194(बी) के तहत 30.9 फीसद की दर से टीडीएस लगाया जाएगा। किसी भी खिलाड़ी को जो प्राइस मनी दी जाएगी वो 30.9 फीसद टीडीएस काटने के बाद ही दी जाएगी।

इस तरह की इनामी राशि पर आयकर कटौती की शर्त लागू होती है-

सेक्शन 58(4) के तहत लॉटरी, क्रॉसवर्ड पजल, रेस (घोड़ों की रेस भी शामिल), ताश या इससे संबंधित खेल,जुआ या सट्टेबाजी जैसे किसी कामों से हासिल की गई राशि पर कोई टैक्स बेनिफिट प्राप्त नहीं होगा। मसलन, इन माध्यमों से जीती गई रकम पूरी तरह टैक्सेबल होगी। वास्तव में चैप्टर VI-A यानी कि सेक्शन 80 सी से 80 यू तक मिलने वाली कटौती को क्लेम नहीं किया जा सकता।

इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक किसी गेम शो में जीती गई राशि को व्यक्ति की अन्य तरीकों से हुई आय माना जाएगा, जिसपर टैक्स लगेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति टीवी शो से एक करोड़ कमाता है और अपने व्यवसाय से 15 लाख कमाता है उस स्थिति में

उसे नीचे बताये गये तरीके से टैक्स देना होगा-

  • एक करोड़ रुपये की राशि पर 30.9 फीसद यानी कि 30,90,000 रुपये
  • 15 लाख रुपये की कमाई पर इनकम टैक्स स्लैब रेट पर कटौती के बाद का टैक्स

चूंकि इस तरह के गेम शो पर मिलने वाली राशि पर इनकम टैक्स कटौती नहीं मिलती इसलिए 15 लाख वाली आय पर कटौती आयकर कानून के हिसाब से मिलेगी।

गेम शो जीतने पर लगने वाले टैक्स से जुड़ी कुछ अहम बातें-

  • अगर विजेता को जीती गई राशि कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन ट्रांस्फर के माध्यम से दी गई है तो इस राशि का भुगतान 30.9 फीसदी की दर से टीडीएस काटने के बाद किया जाएगा।
  • अगर विजेता को प्राइज उपहार के रुप में मिली कोई चीज है तो उसे उसकी मूल कीमत कैल्कूलेट करके राशि पर अपनी जेब से 30.9 फीसद से दर से टीडीएस का भुगतान करना होगा।
  • अगर विजेता जीती गई राशि का कुछ हिस्सा सरकार या लॉटरी आयोजित करने वाली किसी संस्था को दे देता है तो शेष राशि पर विजेता को टैक्स नहीं देना होता।
  • इस सेक्शन के तहत निर्धारित की गई विजेता राशि के अलावा व्यक्ति की ओर से कमाई की गई अन्य आय पर टैक्स लगेगा। यह आयकर अधिनियम के सामान्य धाराओं के अनुरूप होगा।
  • टीवी शो, ऑनालइन गेम आदि से जीते गए कोई इनाम की कुल राशि या नकद पुरुस्कार पर टैक्स देनदारी बनेगी। इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है।

रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 33266 पर बंद

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने एक और नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स तेजी के साथ खुला और दिन के अंत में 108 अंक चढ़कर 33266 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 40 अंक बढ़कर 10363 के स्तर पर बंद हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.65 फीसद और स्मॉलकैप में 0.75 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही है।

वैश्विक बाजार में मिले जुले संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिले जुले संकेत देखने को मिल रहे हैं। जापान का निक्केई 0.08 फीसद की बढ़त के साथ 22021 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.73 फीसद की कमजोरी के साथ 3392 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.07 फीसद की बढ़त के साथ 28460 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.25 फीसद की बढ़त के साथ 2502 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

वहीं बीते सत्र में अमेरिकी बाजार के एसएंडपी500 और नैस्डैक की रिकॉर्ड क्लोजिंग देखने को मिली है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.14 फीसद की बढ़त के साथ 23434 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.81 फीसद की बढ़त के साथ 2581 के स्तर पर और नैस्डैक 2.20 फीसद की बढ़त के साथ 6701 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

रियल्टी शेयर्स में खरीदारी

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और फार्मा को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंक (0.41 फीसद), ऑटो (0.83 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.21 फीसद), एफएमसीजी (0.12 फीसद), मेटल (0.80 फीसद) और रियल्टी (0.95 फीसद) की बढ़त देखने को मिल रही है।

बीमा पॉलिसी बंद करने से पहले ग्राहक को व्यक्तिगत सूचना दें बैंक- NCDRC

किसी लोन के साथ दी जाने वाली बीमा पॉलिसी को बंद करने से पहले बैंकों की ओर से संबंधित ग्राहक को इसकी व्यक्तिगत सूचना देना जरूरी है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) ने अपने ताजा आदेश में यह बात कही है।

यह है मामला - 

एनसीडीआरसी ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खिलाफ एक उपभोक्ता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए निचली फोरम के आदेश को बरकरार रखा। मामला आंध्र प्रदेश निवासी सुरीसेट्टी लक्ष्मी साई से जुड़ा है।

उनके पति वेंकट राव ने 2009 में एसबीआई से आठ लाख और 5.80 लाख रुपए के दो होम लोन लिए थे। उस समय बैंक ने लोन के साथ उन्हें निशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी भी दी थी। इसके अंतर्गत कर्ज लेने वाले की मौत होने की स्थिति में बैंक ने बीमा की राशि को कर्ज की राशि में समाहित करने की बात कही थी।

26 अक्टूबर, 2013 को एक दुर्घटना में वेंकट राव की मृत्यु हो गई। उनकी मौत के बाद बैंक ने यह कहते हुए बीमा राशि को लोन में समाहित करने से इन्कार कर दिया कि बीमा पॉलिसी एक जुलाई, 2013 को बंद कर दी गई थी। इस संबंध में अखबार में सूचना दी गई थी और इसे बैंक की वेबसाइट पर भी डाल दिया गया था।

उपभोक्ता फोरम ने बैंक की दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि ऐसे मामले में व्यक्तिगत रूप से बीमाधारक को सूचित किया जाना चाहिए। एसबीआई को बीमा की राशि कर्ज में समाहित करने और कानूनी खर्च के तौर पर 15,000 रुपए अतिरिक्त देने का फैसला सुनाया गया है।

एटीएम फ्रॉड की राशि देनी होगी आईसीआईसीआई बैंक को - 

एनसीडीआरसी ने आईसीआईसीआई बैंक को 2006-07 में एटीएम धोखाधड़ी का शिकार हुए ग्राहक के नुकसान की भरपाई का आदेश दिया है।

हरियाणा निवासी करम सिंह को 21 नवंबर, 2006 से दो फरवरी, 2007 के दौरान एटीएम धोखाधड़ी से 207,368 रुपए की चपत लगी थी। इस अवधि के दौरान उसके पास बैंक की ओर से निकासी का कोई एसएमएस नहीं आया। उपभोक्ता आयोग ने कहा कि यह समझ से परे है कि बैंक ने लेनदेन से जुड़ी एसएमएस सेवा बंद क्यों कर दी।

सोने-चांदी की चमक हुई तेज, पढ़े आज का दाम

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर रही गिरावट के बीच स्थानीय बाजार में जेवराती मांग आने से आज दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 105 रुपये चमककर 30,380 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सिक्का निर्माताओं की मांग आने से चांदी भी 250 रुपये सुधरकर 40,250 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिकी।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लंदन का सोना हाजिर 0.05 डॉलर की गिरावट में 1,276.80 डॉलर प्रति औंस पर रहा। दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा भी 1.4 डॉलर की सुस्ती में 1,270.4 डॉलर प्रति औंस बोला गया। चांदी में हालांकि 0.02 डॉलर की तेजी रही और यह 16.86 डॉलर प्रति औंस रही।

विश्लेषकों का कहना है कि बैंक आॅफ जापान के मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं करने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों को राहत मिली है। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने से भी पीली धातु मजबूत हुई है, लेकिन अन्य सेंट्रल बैंकों की बैठक के परिणाम आने तक निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।

अमेरिका के फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक भी आज से शुरु हो रही है और संभवत: गुरुवार को नए अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। नए फेड अध्यक्ष की घोषणा से पहले निवेशक सुरक्षित निवेश से कतरा रहे हैं। 

पहले दिन की तेजी के बाद फिसला बाजार, 53 अंक गिरकर हुआ बंद

सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट नजर आई है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 53 अंक की कमजोरी के साथ 33213 के स्तर पर और निफ्टी 28 अंक की कमजोरी के साथ 10335 के स्तर पर बंद हुआ है।

वैश्विक बाजार में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिररावट के चलते तमाम एशियाई बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 0.36 फीसद की कमजोरी के साथ 21933 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.28 फीसद की कमजोरी के साथ 3380 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.12 फीसद की कमजोरी के साथ 28302 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.51 फीसद की बढ़त के साथ 2514 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

वहीं, बीते सत्र अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.36 फीसद की कमजोरी के साथ 23348 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.32 फीसद की कमोजरी के साथ 2572 के स्तर पर और नैस्डैक 0.03 फीसद की कमजोरी के साथ 6698 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।