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भारत का सबसे डरावना किला, जाने से भी डरते है लोग

 

 

दुनियाभर के बहुत से किले अपनी खासियत और खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। भारत के बहुत से किले आपनी खूबसूरत के साथ-साथ डरावने होने के कारण भी जाने जाते है। आज हम आपको यूपी में स्थित ऐसे ही एक किले के बारे में बताने जा रहें है। यूपी के ललि‍तपुर की तालबेहट तहसील में 150 साल पुराने इस किले से आज भी डरावनी आवाजें सुनाई देती है। इस किले के साथ कई डरावनी कहानियां जुड़ी हुई है जिसके कारण लोग इसके पास से गुजरने से भी डरते है। आइए जानते है इस किले के बारे में कई और बातें।

कहा जाता है कि इस किले में राजा मर्दन सिंह के पिता रहा करते थे। अक्षय तृतीया के दिन तालबेहट गांव में सात लड़कियां नेग मांगने के लिए इस किले के राजा के पास गई। मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद की उनकी खूबसूरती देखकर नीयत खराब हो गई है। राजा ने एक-एक कर उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाया।

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इसके बाद वो लड़कियां महल के बीच खुद को बेबस महसूस करने लगी और दुखी होकर उन्होंने इसी महल में सुसाइड कर लिया। उन्होंने इस महल के बुर्ज से कूदकर अपनी जान दे दी। लोगों का गुस्सा देखकर मर्दन सिंह ने अपने पिता की इस हरकत पर पश्चाताप करने के लिए लड़कियों श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस किले के गेट पर उन लड़कियों के चित्र बनवाए, जोकि आज भी मौजूद है।

लोगों का कहना है कि आज भी उस किले से उन लड़कियों के चीखने की आवाजें सुनाई देती है। इसकी कारण लोग इस किले के पास से भी नहीं गुजरते। यहां के लोग इस तालबेहट किले को अशुभ मानते है। हर साल इस गांव की महिलाएं पेंटिंग में बनी इन लड़कियों की पूजा भी करती है, ताकि कुछ अशुभ न हों।

बड़ा ही खौफनाक है यह ब्रिज, कमजोर दिल वाले न जाए यहां!

 

चाइना को टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन के मामले में इंडिया से काफी आगे माना जाता है। वैसे तो चाइना में कई ऐसी चीजें है, जो दुनियाभर में मशहूर मानी जाती है लेकिन पिछले कुछ दिनों से चाइना में एक ग्लास ब्रिज बना है, जो काफी सुर्खियों में रहा था। इस ब्रिज पर पैदल चलते लोगों की एक वीडियों भी काफी वायरल हुई थी, जिसपर चलने वाले लोग काफी डर-डर कर चल रहे थे। दरअसल इस ब्रिज की ऊंचाई काफी है, जिसके नीचे एक गहरी खाई दिखाई देती है और वहीं लोगों के डर का कारण है। 

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अगर आप भी कुछ एडवेंचर पसंद करते है तो इस ब्रिज पर एक बार जरूर चले, यह आपकी लाइफ का सबसे डरावना और यादगार पल बन सकता है। आइए जानते है ऐसा क्या खास है इस ग्लास ब्रिज में। 

इस ग्‍लास ब्रिज की खासियत यह है कि यह समुद्र तल से करीब 4,600 फीट है जिस पर चलते समय नीचे गहरी खाई दिखाई देती हैं। यह तियानमेन माउंटेन पर 100 मीटर लंबा और 1.6 मीटर चौड़ा ग्लास ब्रिज है। इस ब्रिज का इस्तेमाल तियानमेन गुफा में जाने के लिए किया जाता है। इस ग्लास ब्रिज से तियानमेन पहाड़ी की घाटी का पूरा नजारा साफ नजर आएगा। 

ग्लास ब्रिज पर पैदल चलने पर पैरों के नीचे लगा कांच दरकने लगता है। अगर आप इससे बचने के लिए आगे भागने की कोशिश करेंगे तो पूरा का पूरा कांच ही चिंदी-चिंदी होकर धंस जाता है। यह नजारा देखने में काफी शॉकिंग लगता है। दरअसल, यह एक Prank है जो बेहद ही खौफनाक है। इस ग्‍लास ब्रिज में कांच की दो पर्तें एक के ऊपर एक लगी हैं। जब लोग इसपर चलते है तो कांच दरकने और धंसने लगता है लेकिन वो टूटता नहीं है। 

इन जगहों की सैर, इनके बारे में कभी नहीं सुना होगा

नई-नई जगहों पर जाना किसे पंसद नहीं होता। अक्सर लोग मन की शांति और कुछ नया देखने के लिए हर बार नई जगह पर जाना पसंद करते हैं। कुछ लोगों को पर्वत, झीलें, गांव, रेगिस्तान और गुफाओं की सैर करना बहुत पंसद होता है उन्हेंने इन सब की सैर करने के लिए विदेशों में जाने की जरूरत नहीं हैं। अपने देश यानि भारत में भी एेसी जगहों की भरमार है। आज हम आपको कुछ एेसे ही जगह के बारे में बताएंगे जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। तो चलिए जानते हैं उन खूबसूरत जगहों के बारें में।

खिमसार ड्यून विलेज (राजस्‍थान)

चारों तरफ से रेत से घिरा यह गांव किसी अजूबे से कम नहीं है। यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा बुहत सुंदर होता है। अगर आप नवंबर महीने में कहीं घूमने जाने के बारें में सोच रहें हैं तो खिमसार ड्यून विलेज बेस्ट ऑप्शन है। 


बोर्रा गुफाएं

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इस गुफा की ऊचांई 2,313 फीट है यह भारत की सबसे गहरी गुफाओं में से एक है। आंध्र प्रेदश की इस गुफा में पारा, सोडियम और हैलोजन लैंप होने के कारण यह बहुत ही आकर्षक है। आप यहां सालभर में कभी भी जा सकते हैं। 


लोकटक झील

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लोकटक झील भारत की सबसे बड़ी झील है। नवंबर से मार्च तक का समय मणिपूर की झिल को देखने के लिए अच्छा है। यह झील दुनिया की सबसे सुंदर और खूबसूरत झीलों मे से एक है।

चांद बावड़ी

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राजस्थान के उदयपुर में स्थित यह कुआ देखने में बहुत खूबसूरत है। इसकी 3500 सीढ़िया और 13 कमरे हैं। यह 800 ईस्वीं में बनाया गया था।

फुगतल मठ

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धार्मिक लोगों घुमने के लिए यहां जा सकते हैं। इस मठ में 70 से ज्यादा बौद्ध भिक्षु रहते हैं। यह मठ देखने में बहुत सुंदर हैं। जून से सितंबर महीने में यहां घूमने जा सकते हैं।

महासागरों के मिलने पर देखने को मिलता है एेसा अद्भुत नजारा

घूमने के लिए अकसर लोग उन जगहों पर जाना पंसद करते हैं जहां खूबसूरत पहाड़, झीलें, हरियाली और समुद्र हो। इन सब जगहों की अलग-अलग खासियत होती है और वहां पर कुदरत की खूबसूरती का नजारा करीब से देखने को मिलता है। शायद इसी वजह से हर कोई ऐसी जगहों पर जाना चाहते हैं। आज हम आपको दो एेसे महासारगों के बारें में बताएंगे की जो आपस में मिलते जरूर हैं लेकिन इनका पानी आपस में मिक्स नहीं होता। एक का रंग दूसरे से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता, एक साथ होते हुए भी यह आपस में नहीं मिलते। इस अद्भुत दृश्य को देखकर लोग हैरान रह जाते हैं।

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इनका नाम है हिंद महासागर और प्रशांत महासागर, यह दोनों ऐसे महासागर हैं जिनकी सीमा आपस में मिलती है। इन दोनों का पानी अलग-अलग है। एक का पानी हल्‍का नीला और दूसरा गहरा नीला है। जब यह दोनों आपस में मिलते हैं तो वहां झाग की एक दिवार सी बन जाती है। जो वहा से गुजरने वाले लोगों को साफ दिखाई देती है।

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इनके मिलने पर दो रंगों का पानी और झाग की दीवार को देखने में किसी अजूबे से कम नहीं लगती।

भारत की सबसे हैरान जगहें, जरूर जाएं घूमने

दुनियाभर में घूमने-फिरने के लिए बहुत सी खूबसूरत और रोमांचक जगहें है। लोगों को भी रोमांचक और अजीबो-गरीब जगहों पर ही घूमना पसंद बहुत होता है। विदेश ही नहीं बल्कि भारत में कुछ जगहों को देखकर लोगों को विश्वास नहीं होता कि ये जगहें वाकई में है। आज हम आपको भारत की कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहें है जिन्हें देखकर आपको इन पर विश्वास नहीं होगा। अजीबो-गरीब होने के साथ-साथ इन मजेदार को देखने के लिए विदेशों से भी टूरिस्ट आते है। तो चलिए जानते है भारत की इन अजीबो-गरीब और मजेदार जगहों के बारे में।
. महाराष्ट्र, शिवपुर
महाराष्ट्र के शिवपुर गांव हजरत कमर अली दरवेश नाम की एक दरगाह मौजूद है। यहां प मौजूद एक पत्थर को सिर्फ 11 उगलियों पर उठाया जा सकता है।

2. उत्तराखंड, कंकालों की झील
उत्तराखंड में मौजूद रूपकुंड झील को 'कंकालों की झील' भी कहा जाता है। इस झील में आज भी 600 से ज्यादा नरकंकाल पाए गए है। यह झील ज्यादातर बर्फ में डूबी रहती है बर्फ पिघलने के बाद ये कंकाल नजर आते है।

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3. असम, जतिंगा
असम के जतिंगा गांव में सैंकड़ों पक्षी पेड़ों और इमारतों से टकराकर मर जाते है। इन्हीं घटनाओं के कारण इस हिल स्टेशन को पक्षियों का आत्महत्या करने वाला प्लेस भी कहा जाता है।

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4. चेरापूंजी, पेड़ की जड़ों का पुल
यहां पर नदी के उपर पेड़ों की जड़ों को आपस में जोड़कर एक पुल बनाया गया है। देखने में यह पुल काफी खूबसूरत और रोमांचक लगता है। इसे देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक आते है।

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5. मणिपुर, लोकटक झील
हमेशा लहराती और तैरती इस झील को अस्थाई माना जाता है। इस झील के अंदर कई छोटी-छोटी नदियों का पानी गिरता है। भारत की सबसे बड़ी झील में शामिल यहां पर मस्ती करने कई पर्यटक आते है। इसके अलावा इस झील का कलर भी मौसम के हिसाब से बदलता रहता है।

3 साल के इस बच्चे को निकली पूंछ, समझ रहे बजरंगबली

इलाहाबाद। संगम नगरी में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 3 साल के बच्चे को पूंछ निकली हुई है और यह पूंछ बच्चे की उम्र के साथ बढ़ रही है। बच्चे को लोग बजरंगबली के नाम से पुकार रहे हैं और भगवान का अवतार मान कर बच्चे के दर्शन के लिए गांव पहुंच रहे हैं। डॉक्टर इसे हारमोंस की प्रॉब्लम बता रहे हैं । जबकि गांव में अंधविश्वास के चलते बच्चा आस्था का केंद्र बनने लगा है । आसपास के कई गांवों से हर दिन लोग बच्चे को देखने पहुंचते हैं और इलाके में बच्चा बजरंगबली के नाम से फेमस हो चुका है ।
इलाहाबाद के कौंधियारा इलाके में कुकढी गांव है। यहां का रहने वाला रामसुंदर का परिवार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका कारण है 3 साल का बेटा कृष्णा, जिसकी कमर पर पूंछ निकली हुई है। कृष्णा की मां कविता यादव बताती है कि बेटे का जन्म 2 अक्टूबर 2014 को हुआ था । उस वक्त कृष्णा के पीठ पर कमर के पास एक छोटा सा मांस का टुकड़ा लटक रहा था जो पूंछ की आकार का था। परिजनों ने तय किया कि कुछ समय बाद बच्चा जब थोड़ा बड़ा होगा तो उसका ऑपरेशन करा कर यह मांस का टुकड़ा हटा दिया जाएगा, लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होने लगा उसकी पूंछ का आकार भी बढ़ने लगा है। इससे परेशान परिजनों ने जब बच्चे को डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने इसे हार्मोनल प्रॉब्लम बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी।
इस बाबत डॉ यू बी सिंह बताते हैं कि यह एक तरह की हारमोंस प्रॉब्लम है। यह जल्दी किसी में देखने को नहीं मिलती है और ना ही यह खतरनाक होती है। इसे नॉर्मल ऑपरेशन से शरीर से काटकर अलग कर दिया जाता है । मेडिकल साइंस में इसका पूरी तरीके से इलाज है और लगभग 20 हजार लोगों में किसी एक को इस तरह की हारमोंस प्रॉब्लम होती है। हालांकि कभी-कभी यह होता है कि बाहरी ऑपरेशन के बाद भी इस तरह के मांस के टुकड़े का शरीर में शारीरिक परिवर्तन के साथ बढ़ने का क्रम जारी रहता है। तब अंदरूनी हिस्से का भी ऑपरेशन करना पड़ता है जो थोड़ा जटिल होता है, लेकिन मेडिकल साइंस इसमें पूरी तरीके से कारगर है और ऑपरेशन किया जा सकता है।

मुनि प्रसन्न सागर ने की, बिना अन्न जल के 153 दिन की साधना

जयपुर। इन दिनों सम्पूर्ण समाज में जैन मुनि प्रसन्न सागर महाराज की तपस्या की चर्चा हो रही है। मुनि प्रसन्न सागर महाराज इन दिनों जयपुर के निकट दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में विराजमान हैं। क्रांतिकारी संत तरुण सागर महाराज भी 10 जनवरी को प्रसन्न सागर महाराज की घोर तपस्या पर प्रवचन देंगे। सम्पूर्ण समाज के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि 186 दिन के उपवास के बाद 11 जनवरी को प्रसन्न सागर महाराज स्वयं प्रवचन देंगे। यही वजह है कि भक्तगण सिंह निष्क्रीडित व्रत महापरायण महोत्सव कर रहे हैं। इस अवसर पर अनेक केन्द्रीय मंत्री आदि उपस्थित रहेंगे। 

महाराज के ससंघ से जुड़े मुनि पीयूष सागर ने बताया कि प्रसन्न सागर महाराज पिछले 186 दिनों से मौन व्रत पर हैं। 11 जनवरी को मौन व्रत के 186 दिन पूरे होने पर वे श्रद्धालुओं को पहली बार प्रवचन देंगे। 186 दिनों का मौन व्रत अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है, लेकिन यह ईश्वरीय चमत्कार तब बन गया, जब महाराज ने 153 दिन अन्न और जल भी ग्रहण नहीं किया। भगवान महावीर स्वामी के बाद जैन मुनि प्रसन्न सागर महाराज पहले ऐसे तपस्वी होंगे, जिन्होंने इतनी कठोर तपस्या की है। 

बड़े से बड़ा तपस्वी अन्न के बिना तो रहा सकता है, लेकिन 153 दिनों तक जल के बिना नहीं। इतना ही नहीं भूखे प्यासे महाराज प्रसन्न सागर ने इस अवधि में प्रतिदिन पदमपुरा की 111 परिक्रमा लगाई तथा पुस्तकों के 500 पृष्ठ पढ़े। इतना ही नहीं प्रतिदिन 200 पृष्ठों का लेखन भी किया। महाराज प्रसन्न सागर ने इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर ली है। इसलिए उनके लिए अब भूख प्यास नींद आदि कुछ भी मायने नहीं रखती है। ग्लोबल बुक रिकाॅर्ड वाले भी 10 जनवरी को पदमपुरा आकर अवार्ड देंगे। 

इग्लैंड जा रहे हैं तो कर लें इन गांवों की भी सैर

यूनाइटिड किंगडम दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। जैसा कि सब जानते हैंं कि यह देश नैचुरल खूबसूरती के गांवों के लिए भी जाना जाता है। आप भी इग्लैंड मेें घूमने के लिए जा रहे हैं तो एक बार यहां को ग्रामीण इलाकों की सैर भी जरूर करें। यहां का माहौल आपका मन मोह लेगा। आइए जानें इन गांवों के बारे में। जगह पर दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां के पेड-पौधे अपनी इसके दृश्य को और भी स्पैशल बना देते हैं। 
यह गांव कुकमेरे नदी की घाटी में स्थित है। यहां पर रहने वाले लोगों का लाइफस्टाइल बहुत अलग है। सीजन में घूमने के लिए यह जगह बहुत खास है। 
लस्टलेय वरी घाटी पर स्थित एक छोटे सा गांव है। यहां का नजारा बेहद शानदार है। यह गांव बहुत ज्यादा खूबसूरत है। 
और घूमने के लिए यह बहुत अच्छी जगह है।  रॉयल डीसाइड में ब्रामर के गांव, केर्नगॉमस नेशनल पार्क के केंद्र में स्थित है। शानदार पहाडी से घिरा हुआ यह इलाका बहुत खूबसूरत है। 

हो जाएगे हैरान, प्राकृतिक तरीके से Heart-Shaped में बने हैं ये Landscapes

प्यार को दुनिया में काफी बड़ा स्थान प्राप्त है, जिसकी निशानी है हार्ट शेप। कहते है कि प्यार दुनिया के हर कोने और कन- कन में छिपा है, यहां तक की प्राकृतिक अजूबों के रूप में भी छिपा है। आज हम आपको कुछ ऐसे लैंडस्केप के बारे में बताएंगे, जो बिल्कुल हार्ट शेप में बने है, इन्हे देखर यकीन कर पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन यह मानव निर्मित हार्ट शेप लैंडस्केप नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से बने हुए है। 

1. यह फिजी का खूबसूरत आयरलैंड है जिसका आकार एकदम दिल समान है जिसका नाम तवरूआ है। यह 29 एकर में फैला हुआ एक कमाल सा कोरल रीफ है।

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2. यह जगह लश की पहाड़ी पर बनी हार्ट शेप के झील के कारण जानी जाती है। बता दे कि यह खूबसूरत जगह कजाकिस्तान में है।

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3. यह जापान देश का सबसे बड़ा वॉटर रिज़र्व है और नोगी-मची में स्थित है। यह भी हार्ट शेप में बना हुआ खूबसूरत नजारा है। 

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4. न्यू कैलेडोनिया के कोने की उत्तरी तरफ और वोह के बिल्कुल करीब यह दिल के आकार का खूबसूरत दलदल अपने आप बना है। इसको सिर्फ ऊंचाई से देखा जा सकता है।

सात रंगों वाले पहाड़, जिन्हें देख नहीं कर पाएंगे विश्वास

बचपन से ही हम लोग आसमानी इंद्रधनुष के बारे में सुनते और पढ़ते आ रहे है। अगर कभी-कभार हमे इंद्रधनुष के सात रंग दिख जाते थे तो हमारी खुशी का कोई ठिकाना तक नहीं रहता था। अगर आपको वहीं  इंद्रधनुष के सात रंग धरती पर देखने को मिल जाएे तो क्या होगा। तो चलिए देर किस बात की आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे, जो आपको इंद्रधनुष के रंग देखने को मिलेगे। 

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पेरू और पश्चिमी चीन में ऐसी पहाड़ियां मौजूद है। पेरू में इंद्रधनुष पर्वत औसजेते के पास है। यहां के पहाड़ों की सुंदर उज्ज्वल रंगीन तलछट हर किसी को अपनी ओर अट्रैक्ट कर लेती है। ये पहाड़ अपने अद्वितीय उज्ज्वल रंगों के लिए दुनियाभर में जाने जाते है। 

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पहाड़ों का रंग बिल्कुल इंद्रधनुष की तरह दिखता है। यह कोई मानव निर्मित अजूबा नहीं बल्कि प्राकृतिक रुप से पहाड़ सात रंगों से ढके पड़े है, जो किसी अजूबे से कम नहीं है। अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे है तो इस बार इन पहाड़ों की सैर करें और अपनी फैमिली को भी यहां का खूबसूरत नजारा दिखाएं। 

यह है दुनिया का सबसे छोटा होटल, रहता है बुक

गर हम किसी अनजान जगह पर घूमने जाते है तो उस जगह के बारे में अच्छी तरह जानने के लिए कुछ दिन वहां रूकना पड़ता है। किसी जगह पर रूकने के लिए हम अच्छे होटल की तलाश करते है, जिसमें सभी सुख-सुविधाएं मौजूद हो। अगर वह होटल कुछ अनोखे अंदाज में बना हो तो मन खुश हो जाता है। आज हम आपको दुनिया के सबसे अनोखे होटल का बारे में बताएंगे, जिसको देख शायद आप भी दंग रह जाए। 

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मिनी होटल, जिसमें रहने के लिए पहले ही बुकिंग करवानी पड़ती है। जॉडर्न में बना यह मिनी होटल ईंट और पत्थरों से नहीं बना बल्कि यह चार पहिया गाड़ी हैं, जिसे होटल का बनाया गया है। इस होटल में आपको वो सारी सुविधाएं मिलेगी, जो किसी फाइव स्टार होटल में मिलती है। इस होटल में सिर्फ एक बार एक ही कपल ठहर सकता है। इस होटल की खासियत को देखकर लोग दूर-दूर से यहां रहने आते है। इसी वजह से इस होटल की बुकिंग अधिक समय तक फुल रहती है।  होटल के मालिक मोहम्मद अल मलाहिम अबु अली एक 64 वर्षीय बुजुर्ग हैं जिन्होंने अपनी 'वी डब्ल्यू बीटल' कार को 'सी डिजर्टेड ओसी होटल' में बदल दिया।

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मिनी होटल में एक रात गुजारने का किराया 56 डॉलर लिया जाता हैं जो लगभग साढ़े तीन हजार के बराबर है। अगर आप भी जॉर्डन जाने का प्लान बना रहे है तो इस मिनी होटल में रात गुजारना बिल्कुल न भूलें। 

ये हैं दुनिया की सबसे अनोखी जगहें, देखकर हो जाएंगे हैरान

दुनिया में एक से बढ़कर एक खूबसूरत जगहें है। ऐसी ही कुछ जगहों को देखकर इन्हें रहस्यमयी कहा जाने लगता है लेकिन असल में यह जगहें प्राकृति की खूबसूरती का ही एक नमूना है। दुनियाभर में कई ऐसी खूबसूरत प्लेस है जिनको देखकर लोग अक्सर हैरत में पड़ जाते है। आज हम आपको ऐसी ही कुछ खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहें है जिन्हें देखकर हर कोई हैरान हो जाता है। कुछ लोग तो इन जगहों की फोटो देखकर इन्हें नकली समझ बैठता है, पर यह जगहें असल में मौजूद है। तो चलिए जानते है ऐसी ही कुछ रहस्मयी जगहों के बारे में जिन्हें देखकर हर कोई वहां घूमना चाहता है।

कोलंबिया में स्थित इस नदी को 'रीवर ऑफ 7 कलर्स' के नाम से जाना जाता है। इस नदी को आप एक साथ कई रंगो में देख सकते हैं। दरअसल इसमें गिरने वाले फूलों के कारण यह नदी 7 रंगो में दिखाई देती है।

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इस अनोखे टूरिस्ट प्लेस पर घूमने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते है। बच्चों की इस पसंदीदा जगहें को देखकर हर कोई हैरान हो जाता है।

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रोमानिया और सर्बिया के बीच में बने इस रॉक स्कल्पचर को कुछ कलाकारों मे मिलकर बनाया है। पहाड़ी पर बना यह चेहरा बिल्कुल असली है।

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पर्यटकों के आकर्षण का केंन्द्र बन चुके इस  गिंबाल्गा स्टेचू को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते है। इस जगहें को स्टेचू ऑफ रहोयने के नाम से भी जाना जाता है।