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राजस्थान के धौलपुर जिले में चंबल नदी पर स्थित इस अचलेश्वर महादेव मंदिर में मौजूद शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है। इस शिवलिंग का रंग सुबह लाल, दोपहर में केसरिया और शाम को सांवला हो जाता है। हजारों साल पुराने इस मंदिर के रहस्य को अभी तक कोई समझ नहीं पाया है। विज्ञान भी अभी तक इस रहस्य को सुलझा नहीं पाया है। इसके अलावा इस मंदिर में मौजूद शिवलिंग के छोर का भी अभी तक कोई पता नहीं लगाया पाया है।

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इसके साथ इस मंदिर का एक रहस्य यह भी है कि शिवलिंग को चढ़ाया जाने वाला जल कहां जाता है। पुरातत्व विभाग की टीम भी अभी तक मंदिर के इस रहस्य को समझ नहीं पाई है। शिवलिंग के नीचे बने प्राकृतिक पाताल खड्डे में कितना भी पानी जाल लो वो नहीं भरता। 2,500 साल पहले बने इस मंदिर में पंच धातु की बनी नंदी की एक विशाल प्रतिमा है, जोकि करीब चार टन की है।

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